To My Blog Readers

नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः। every day we see that…. some of us may have tried actually finding the meaning of it; may be, at least now… 🙂 In my own usual way I would have said… have you read the next line?? I give you here उभयोरपि दृष्टोऽन्तस्त्वनयोस्तत्त्वदर्शिभिः।।2.16।। but what does the second line … More To My Blog Readers

जो खुद के साथ वही ख़ुदा के भी साथ

मेरे इस पोस्ट का मेरे आस पास में हो रहे किसी भी घटना से कोई लेना देना नहीं है, और मैं नहीं चाहता हूँ कि कोई भी क्रांतिकारी अपने अनमोल समय को मेरे इस बकवास ब्लॉग पे कमेंट कर के व्यर्थ करे। रात के तीन बजने वाले हैं, नींद आ नहीं रही है, दरअसल सोने … More जो खुद के साथ वही ख़ुदा के भी साथ

Geeta Chapter 2 verse 46

यावानर्थ उदपाने सर्वतः संप्लुतोदके। तावान्सर्वेषु वेदेषु ब्राह्मणस्य विजानतः।।2.46।। यह गीता के दुसरे अध्याय का ४६ वा श्लोक है. इसके बाद जो श्लोक आता है उस श्लोक को सभी लोग या जो भी गीता को थोड़ा बहुत भी जानते है, उन सबों ने सुना है, वो है…… कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि।।2.47।। इस श्लोक … More Geeta Chapter 2 verse 46

नहीं चाहिए जवाब 

अभी चुनाव के बाद हो रहे सारे विश्लेषणों में अथवा जितना मैंने देखा और सुना है, और खासकर वैसे विश्लेषण जो ज्यादा बड़े बुद्धिजीवी कर रहे हैं, वो एक विचित्र पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं। इस पूर्वाग्रह का एक उदाहरण है यह बयान कि लोगों ने नोटबंदी की तकलीफों के बावजूद मोदी जी को वोट दिया … More नहीं चाहिए जवाब 

ये वो हैं जो गुमराह हैं 

  अक्सर देखता रहता हूँ मैं अपने दोस्तों को चट्टान की तरह टीके है वो अपने विचारों पे मित्र जो मेरा मार्क्सिस्ट है तो है वो मार्क्सिस्ट और राइटिस्ट दोस्त हमेशा अपने ख्यालों में राईट रहता है।। मोदी को जो चाहतें है वो बस उसे चाहतें है जो नफरत करते हैं तो बस नफरत करते … More ये वो हैं जो गुमराह हैं